Category : अन्य

कला-साहित्य-सिनेमा

Sacred Games : बीते कल की वो कहानी जो आज भी मौजूं है

डी पिलर
एम रमन गिरि। विक्रम चंद्रा के नॉवेल पर आधारित  सेक्रेड गेम्स (नेटफ्लिक्स की प्रचलित भारतीय सीरीज) की कहानी भले ही बीते कल के सामाजिक राजनीतिक...
अन्य आज की ख़बर मेरा-गांव

“खीर” से हुआ था राम का जन्म! इसलिए देवी ने अंग मांगा तो अपनी आंखे निकाल कर चढ़ा दी

Piush
Team dPILLAR: नमस्कार. आज चैत्र रामनवमी है. हिन्दु धर्म शास्त्रों के अनुसार आज राम का जन्म हुआ था. शास्त्रों की कथाएं कहती हैं कि पुत्र...
आज की ख़बर कला-साहित्य-सिनेमा

#Interview: थिएटर वो जिंदगी है जो एक बार शुरु होती है और द-एंड पर जाकर खत्म : संजय मिश्रा

Piush
Team dPILLAR : तब बिहार की गिनती देश के पिछड़े राज्यों की लिस्ट में होती थी. तब सूबे के किसी भी साधारण परिवार के युवा...
आज की ख़बर कला-साहित्य-सिनेमा

#RIP केदारनाथ सिंह : मैं उठूंगा और चल दूंगा उससे मिलने, जिससे वादा है कि मिलूंगा

Piush
Team dPILLAR : “और एक सुबह मैं उठूंगा. मैं उठूंगा पृथ्वी समेत. जल और कच्छप समेत मैं उठूंगा. मैं उठूंगा और चल दूंगा, उससे मिलने,...
आज की ख़बर कला-साहित्य-सिनेमा मेरा-गांव

ढ़ल गया छत्तीसगढ़ी लोकगीत का सूरज… सुरुजबाई खांडे

Piush
  विकास विद्रोही :  छत्तीसगढी़ लोक परंपरा ने एक सूरज खो दिया. जिसने छत्तीसगढ़ी माटी की सुगंध विदेशो में भी फैलाया, साधारण सी दिखने वाली...
कला-साहित्य-सिनेमा खिड़की के पार

फणीश्वरनाथ रेणु : परंपरा को सहेजनेवाला, बचानेवाला और तोड़नेवाला कथाकार

Piush
Team dPILLAR:  आजाद भारत के गांव, खेत, खलिहान और किसान को साहित्य में पिरोने वाले कथाकार फणीश्वरनाथ रेणु का आज जन्मदिन है. साहित्य बिरादरी के लोग...
आज की ख़बर कला-साहित्य-सिनेमा

हमारे बीच नही रहीं हिंदी फिल्मों की पहली फीमेल सुपरस्टार श्रीदेवी

Piush
Team dPILLAR: बॉलीवुड अदाकारा श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं. दुबई में देर रात दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से 54 साल की इस एक्ट्रेस...
आज की ख़बर कला-साहित्य-सिनेमा खिड़की के पार

मातृभाषा दिवस विशेष : एगो भाषा जवन बाई डिफाल्ट आवेला

Piush
नबीन कुमार:  परसों हमरा सोझा इ सवाल अउवे कि आखिर मातृभाषा से प्रेम के पैमाना का हो सकेला.  मूल रुप से अइसन सवाल के जवाब...
आज की ख़बर कला-साहित्य-सिनेमा

पुस्तक समीक्षा “साथ असाथ” : यादों की बारात जैसी हैं अंचित की कविताएं

Piush
Team dPILLAR : तब महेन्द्रू घाट सीमेंट का गोदाम नहीं था, तब गंगा सीमेंट का खेत नहीं थी. और तब महेन्द्रू घाट पर दो पेड़ों...
आज की ख़बर कला-साहित्य-सिनेमा

Film Review : पद्मावत की हर तीसरी लाइन में “राजपूत” इरिटेट करता है !

Piush
अंचित : पद्मावती. माफ करिएगा अब पद्मावत. देखने के पीछे बस एक कारण था. जिस कारण से हर शुक्रवार मन बेचैन हो उठता है. सिनेमा....
DPILLAR