“खीर” से हुआ था राम का जन्म! इसलिए देवी ने अंग मांगा तो अपनी आंखे निकाल कर चढ़ा दी

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Team dPILLAR: नमस्कार. आज चैत्र रामनवमी है. हिन्दु धर्म शास्त्रों के अनुसार आज राम का जन्म हुआ था. शास्त्रों की कथाएं कहती हैं कि पुत्र नहीं होने से परेशान राजा दशरथ की तीनों रानियों को महर्षि शारुंगा ने यज्ञ के प्रसाद के रूप में खीर खाने को दिया. तब रानी कौशल्या के गर्भ से राम का जन्म हुआ था. पुत्र रत्न की खुशी में अयोध्या के राजा दशरथ ने अयोध्या में उत्सव का आयोजन किया था.

 

किसी ऋषि के यज्ञ की खीर खाने से कोई गर्भ कैसे धारण कर सकता है? ये कौतुहल का विषय हो सकता है. मगर फिलहाल एक चौंकाने वाली खबर बिहार के दरभंगा जिले से है, जहां सोना नाम की एक युवती ने अपनी आंखें खुद ही हाथ से निकाल कर देवी दुर्गा की तस्वीर के सामने अर्पित कर दिया. क्योंकि युवती के अनुसार दुर्गा उसके सपने में आई थीं और अपने किसी कोमल अंग का दान देने के लिए बोली थीं.

सोना जिसने अपनी आंखे निकालकर देवी को चढ़ावा दे रही थी / फोटो- bhaskar.com
सोना  अपनी आंखे निकालकर देवी को चढ़ावा दे रही थी / फोटो- bhaskar.com

सोना की मां ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि उनकी बेटी इधर कुछ दिनों से दुर्गा की उपासना में लीन है. उसे बाकी चीजों की खैर-ख्वाह नहीं रहती. घटना बहेड़ी थाने के सिरुआ गांव में शनिवार की है.

दरभंगा मेडिकल कॉलेज में भर्ती 26 वर्षीय सोना की लटकती आंखों को डाक्टरों ने किसी तरह अंदर घुसा दिया है. मगर इलाज कर रहे डॉक्टर मनोज कुमार का कहना है कि सोना की आंखों की रौशनी हमेशा के लिए चली गई है. उसे वापस नहीं लाया जा सकता.

इलाज के दौरान सोना के बगल में बैठी रो रही मां पूछने पर कहती हैं, “क्या कहूं, कई बार समझाया, लेकिन सोना मानी नहीं. पिछले12 वर्षों से दुर्गा माता की उपासना में लीन है. दो बार मैट्रिक की परीक्षा में फेल हुई. तब से विशेष पूजा में डूबी रहती है. पढ़ाई भी छोड़ चुकी है. हर समय दुर्गा सप्तशती का पाठ करते रहती है.

सोना का इलाज कर रहे डॉक्टरों को हैरानी तब हुई जब दुर्गा की भक्ति में लीन सोना ने सिटी स्कैन के दौरान अपने गले के दुर्गा लॉकेट को भी उतारने से इनकार कर दिया. डॉक्टर समझा कर थक गए, मगर सोना ने अपना लॉकेट नहीं उतारा. जिसके चलते उसका सिटी स्कैन भी अभी तक अच्छे से नहीं हो पाया है.

स्पष्टीकरण- www.dpillar.com इस बात पर कतई यकीन नहीं करता है कि महर्षि शरुंगा की खीर खाने से रानी कौशल्या ने राम को जन्म दिया था. हमारा मानना है कि इस तरह की बातें ही समाज में अंधभक्ति को बढ़ावा देती हैं. दरभंगा की 26 वर्षीय युवती सोना का आंख निकाल कर दुर्गा की तस्वीर के सामने चढ़ाना उसका एक उदाहरण है.

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