बिहार दारोगा परीक्षा पेपरलीक का FIR दर्ज, फिर भी आयोग ने कहा रद्द नहीं होगी परीक्षा

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Team dPILLAR: बिहार में हाल ही में हुई दारोगा भर्ती की लिखित परीक्षा के पेपरलीक होने के मामले में पटना जिले के दानापुर थाना में FIR दर्ज कर लिया गया है. पुलिस की प्रारंभिक जांच में प्रारंभिक लिखित परीक्षा का प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सही पाया गया है. इस मामले में एक नामजद अभ्यर्थी और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है. सभी आरोपित फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर है. दूसरी ओर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने पेपरलीक से इनकार करते हुए कहा है कि ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं हुई है जिससे परीक्षा रद्द करनी पड़े.

शनिवार को आयोग के विशेष कार्य पदाधिकारी अशोक कुमार प्रसाद ने बताया कि प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच कराई जा चुकी है. सोशल मीडिया पर देर शाम तक प्रश्नपत्र व ओएमआर शीट दिख रहा था. दो-तीन सेट वायरल थे. जांच में पता चला कि जो पेपर वायरल था वह परीक्षा के दौरान लीक किया गया था. किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के माध्यम से परीक्षा कक्ष से पेपर बाहर भेजा गया होगा. ऐसी संभावना है.

पटना के करगिल चौक पर दारोगा भर्ती परीक्षा के पेपरलीक के खिलाफ प्रदर्शन करते छात्रों को भगाती पुलिस, PHOTO/DPILLAR

आयोग की तरफ से ये भी बताया गया कि गया के किसान इंटर कॉलेज प्रेतशिला सेंटर (कोड संख्या-1242) रॉल नंबर 3812420450 के अभ्यर्थी अजीत कुमार ने परीक्षा के दौरान पेपर लीक किया था. अजीत गया के झरण सरेन धनसुरा का निवासी है.

आयोग की ओर से अजीत कुमार व अन्य के विरुद्ध गया के चंदौती थाना में प्रश्नपत्र लीक व वायरल संबंधी धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है. पुलिस उपाधीक्षक (विधि-व्यवस्था) सतीश कुमार द्वारा मामले की जांच की जा रही है.

आपको बता दें कि अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी तरह का इलेक्ट्रानिक गैजट नहीं ले जाने का निर्देश था. ऐसे में आरोपित छात्र कैसे परीक्षा तक इलेक्ट्रानिक गैजट लेकर पहुंचे. ये अपने आप में एक सवाल है.

दूसरा सवाल ये भी है कि यदि परीक्षा के दौरान ही प्रश्न पत्र बाहर आया तो क्यों नहीं प्रश्नों के हल भी उक्त परीक्षा केंद्र के अलावा दूसरे अन्य परीक्षा केंद्रों पर नहीं गए हों. एक ही परीक्षा केंद्र में इलेक्ट्रॉलिक गैजैट अंदर गया. ये कैसे तय किया जा सकता है. क्योंकि पहले की परीक्षाओं में हुई धांधली की जांच से ये स्पष्ट है कि इस तरह की धांधलियों में एक पूरा गिरोह काम करता है. जिसके तार दूसरे शहरों और जिलों तक होते हैं.

इन सभी सवालों के जवाब में आयोग का सिर्फ इतना कहना है कि इसकी पड़ताल भी कराई जाएगी. आयोग ने फिलहाल उपचुनावों के कारण परीक्षा से वंचित रहने वाले तीन जिलों जहानाबाद, भभुआ और अररिया के परीक्षार्थियों को मौका देते हुए 31 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन की तिथि निर्धारित की है. हालांकि परीक्षा किस दिन होगी, इसकी तारीख अभी नहीं तय की गई है.

बिते 11 मार्च को बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा सूबे के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर 1717 दारोगा पदों के लिए परीक्षा आयोजित कराई गई थी.

आपको बता दें कि हाल ही में ssc की CHSL 2017-18 की परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने के भी आरोप लगे हैं. देश भर के सैकड़ों छात्र 2017 से अब तक कर्मचारी चयन आयोग की सभी परीक्षाओं में धांधली की जांच की मांग कर रहे हैं. इसको लेकर नई दिल्ली को लोधी रोड स्थित CGO कॉम्प्लेक्स के बाहर करीब चार हफ्तों से सैकडों की संख्या में छात्र धरने पर बैठे हैं.

इसके अलावा भी पिछले दिनों में देश के कई शहरों पटना, जयपुर, भोपाल, इलाहाबाद में छात्रों ने परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं. जयपुर और पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठियां भी चटकाई.

करीब एक महीने से एएसससी की परीक्षाओं में धांधली की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI से कराने और बिहार दारोगा भर्ती परीक्षा के पेपरलीक की जांच की मांग कर रहे हजारों युवा प्रदर्शऩ कर रहे हैं. मगर अभी तक ना तो केंद्र सरकार की ओर से छात्रों को जांच के लिखित आदेश मिले हैं. ना ही बिहार में राज्य सरकार ने दारोगा भर्ती परीक्षाओं में धांधली में कोई दिलचस्पी दिखा रही है.

 

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