पिता के जीवन पर खतरा क्यों लग रहा है तेजस्वी को? फैसले के खिलाफ करेंगे हाई कोर्ट में अपील

आज की ख़बर स्टेटक्राफ्ट

Team dPILLAR: बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालु प्रसाद यादव को चारा घोटाले के एक मामले फिर से सजा मिलने पर भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों लिया है.

तेजस्वी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी उनके पिता लालू प्रसाद के खिलाफ ना सिर्फ राजनीतिक बल्कि आपराधिक षडयंत्र भी रच रही है. उनके पिता के जीवन को खतरा है. आपको बता दें कि चारा घोटाला के दुमका कोषागार से अवैध निकासी के दो अलग-अलग मामलों में आज शनिवार को रांची की CBI कोर्ट ने लालू को कुल 14 साल की सजा सुनाई है. इसके अलावा 30 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

 

इसके पहले भी चारा घोटाला के तीन अलग मामलों में लालू यादव को सजा हो चुकी है. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में सजा काट रहे लालू यादव की तबियत बिगड़ने पर उन्हें रांची के राजेन्द्र इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में भर्ती कराया गया है, चारा घोटाले के एक मामले में तीसरी बार सजा मिलने के बाद लालू प्रसाद को जेल भेज दिया गया था.

इसी साल दो अन्य बार क्रमश: 24 और छह जनवरी को चाईबासा और देवघर कोषागार से अवैध निकासी के मामले में लालू प्रसाद यादव को कुल साढ़े आठ साल की सजा सुनायी जा चुकी है.

इस बार फिर से दो मामलों में कुल 14 साल की सजा लालू के राजनीतिक कैरियर पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं. तेजस्वी यादव की मानें तो उनके पिता इस समय बीमार चल रहे हैं. उनका इलाज भी चल रहा है. बावजूद इसके भारतीय जनता पार्टी उनके खिलाफ षडयंत्र रच रही है.

तेजस्वी ने आरोप लगाया है कि,

“भाजपा ये चाहती है कि उनके पिता एकदम कमजोर पड़ जाएं. और इसका फायदा बिहार में होने वाले चुनाव में उठाया जा सके”.

ANI को दिए अपने एक बयान में तेजस्वी ने ये भी कहा कि पार्टी चारा घोटाला में CBI कोर्ट के सभी फैसलों को हाई कोर्ट में चैलेंज करेंगे. आगे की रणनीति पर विचार करने से पहले हमलोग सभी फैसलों का बारीकी से अध्ययन करेंगे उसको बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी.

उधर अस्पताल में ईलाजरत लालू प्रसाद की हालत स्थिर बनी हुई है. तबीयत नासाज होने के कारण ही वे सजा सुनाए जाने के दौरान कोर्ट नहीं पहुंच पाए. उनकी उपस्थिति में CBI कोर्ट के विशेष जज शिवपाल सिंह ने वकील को पैसला पढ़ कर सुनाया.

यह भी पढ़ें-

चारा घोटाला: लालू यादव को चौथे मामले में 14 साल की सजा और 60 लाख जुर्माना

DPILLAR