क्योंकि मूर्ति बोल नहीं सकती!

Sheपोर्टर

SHEपोर्टर (प्रज्ञा मिश्रा) : आजकल सोशल मीडिया का चलन इतना बढ़ गया है कि खबर से लेकर तीज त्योहारों तक सबकी जानकारी सबसे पहले मिल जाती है. हो सकता है आप अपने काम की व्यस्तता के कारण ये भूल जाएं कि कल से नवरात्र शुरु है! लेकिन रात 12 बजे से मोबाइल , वाट्सएप्प, फेसबुक पर तड़ातड़ ‘ हैप्पी नवरात्रि’ के मैसेज आपकी नींद तोड़कर याद दिला देते हैं कि भइया कल से नवरात्र शुरू है. सो अब पूरे नौ दिन प्याज , लहसुन , अंडा, नॉनवेज, शराब और गालियों को पाप समझना हैं.

सुबह घर का दीया बाद मे जलता होगा लेकिन वाट्सअप, फ़ेसबुक में ‘ माँ दुर्गा ‘ की डीपी सबसे पहले लग जाती है. और फ़िर गुड मॉर्निंग की जगह पर जय माता दी के ढेरों मैसेजेस के साथ शुरू हो जाता है नवरात्रि का पहला दिन. ये उत्सुकता अच्छी लगती है, लेकिन एक बात याद दिला दूं कि पिछले साल 15 मार्च से पिछले महीने 18 अगस्त तक यूपी में महिलाओं के साथ करीब 1012 बलात्कार और 4520 महिलाओं के प्रताड़ना के केस दर्ज हो चुके हैं.  इनमे से कितने होंगे जो केस भी नही बने होंगे.

वैसे नवरात्रि तो सदियों से मनाई जा रही है लेकिन स्वर्ग की देवी की भक्ति में डूबे भक्तों में से ही कइयों ने धरती की देवियों की दुर्दशा कर रखी है.

मेरी विनती है अगर आपकी आस्था सिर्फ मिट्टी की मूर्ति के लिए ही नहीं, बल्कि सभी नारी जाति के लिए समान भाव से हो, तब ही आप उस ‘ दुर्गा ‘ की पूजा करें. लेकिन जिनके मन में नारियों के लिए कोई सम्मान नहीं, उन्हें किसी भी देवी की भक्ति का कोई हक़ नहीं. क्योंकि,

“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः

यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः”

थोड़ा कड़वा बोलूंगी पर माफ़ करना. बोले बिना रह भी ना पाऊँगी, आप चाहो तो इस भाषा के लिए मुझे जी भरकर कोस भी सकते हैं. पर जो नारी की उपेक्षा करके उस देवी की आराधना करते हैं, ये बात उनके लिए है.

सड़क पर लड़की को देखकर भद्दे इशारे करते हो! टैक्सी ऑटो में बगल वाली लड़की की छाती से अपनी कोहनी सटाते हो! गुस्सा आने पर गालियों में माँ ,बहन, बेटी और अब तो बुआ को भी नही छोड़ते हो! अगर लड़की किसी लड़के के साथ दिख गई तो लड़के के साथ लड़की को भी नंगा करके पीटते हो!

छोटी सी बच्ची को दुलार करने के बहाने उसके शरीर के हर अंग को हाथ लगाते हो! जिस वजह से तुम पैदा हुए उस वजह को अछूत मानकर औरत को मंदिर जाने से रोकते हो! घर में अपनी बीवी को हैवानों की तरह पीटते हो! चार दीवारी के अंदर अपनी ही बीवी के साथ जबरन सेक्स करते हो और अपनी ही बीबी- बेटियों पर शक करते हो.

फिर मंदिर में आसन लगा कर, माथे पर चन्दन थोप कर, छप्पन भोग सजा कर एक नारी की ही मूर्ति (दुर्गा) की पूजा करते हो. क्यों ?

पता है क्यों! क्योंकि मूर्ति बोल नहीं सकती. तुम्हें तुम्हारी असलियत बता नहीं सकती. तुम्हारे पापों का संहार करने के लिए खुद धरती पर आकर तुम्हारा गला नही काट सकती. यकीन मानो! अति की गति बहुत बुरी होती है और जिस दिन तुम्हारे पापों का घड़ा भरा, सारे पापों का हिसाब यही धरती पर भुगतोगे. पहले इंसान बन जाओ फिर भक्ति भी कर लेना.

 

यह भी पढ़ें-

शादी के लिए क्यों जरूरी है द मोस्ट हॉन्टेड मीटिंग

DPILLAR