क्या अखबार ये बता सकता है कि बेरोजगार युवक धनी महिलाओं से जुड़कर कैसे कमाएंगे?

#SSCscam आज की ख़बर

Team dPILLAR :

!! PUNAM INTERNATIONAL !!  द्वारा युवकों पुरुषों को पूरे बिहार-झारखंड शहरों के धनी महिलाओं संग जुड़कर 10,000- 45,000/- कमाएं. गाड़ी सुविधा.

साथी इंटरनेश्नल (Gvt. Reegd.-9676) युवकों हाइप्रोफाइल के धनी फिमेल संग मिटिंग करके 11,000-56,000 कमाएं. काम की गारंटी, सम्पर्क- 99346*****

प्रस्तुत विज्ञापन कल के दैनिक भास्कर पटना संस्करण के पेज नंबर 10 पर क्लासिफाइड में छपा है. क्लासिफाइड के जिस कॉलम में विज्ञापन प्रकाशित है, उसका नाम है “सर्विसेज”.

पहला सवाल : ये कि विज्ञापन में जिस साथी इंटरनेशनल और पुनम इंटरनेशनल ने सर्विसेज के नाम पर बेरोजगार युवकों को आमंत्रित किया है, उसके लिए स्किल क्या होनी चाहिए. क्योंकि आज के दौर में जब देश में बेरोजगारी साल दर साल लगभग 20 फीसदी के हिसाब से बढ़ती जा रही है, छात्र SSC में नौकरी के लिए आंदोलन कर रहे हैं, आखिर ऐसा कौन सा स्किल विकसित करें जिससे वे धनी महिलाओं से जुड़कर महीने में हजारों रुपये कमा सकते हैं!

दूसरा सवाल : दैनिक भास्कर अखबार प्रबंधन से है कि विज्ञापन प्रकाशित करने से पहले विज्ञापन देने वाले से ये क्यों नहीं पूछा गया कि वो कौन सा ऐसा काम कराते हैं जिससे महीने में 50 से 60 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है. यदि बेरोजगार उक्त एजेंसी में नौकरी के लिए अप्लाई करे तो उसे ऐसी कौन सी पढ़ाई अथवा ट्रेनिंग पूरी करनी होगी, जिससे इतनी आसानी से बेरोजगार पैसे कमा सकते हैं.

तीसरा सवाल : सभी पाठकों से है. क्या पाठक ऐसी किसी नौकरी या सर्विस के बारे में जानते हैं जिससे धनी महिलाओं के साथ जुड़ने का मौका मिलता है? यदि किसी धनी महिला से आपको मिला भी दिया गया तो आप अपने किस स्किल का फायदा उठाकर पैसा कमाएंगे?

यदि इन तीनों सवालों के जवाब हैं और बावजूद उसके कोई नहीं बता रहा तो यकीनन वो अपराधी है. यदि इन सवालों के जवाब नहीं हैं, बावजूद सब चुप है तो बस इतना ही समझिए कि यह बेहद शर्मनाक है.

क्योंकि, जो एजेंसी (Sathi International) खुद को सरकार से पंजीकृत बता रही है, वो फर्जी है. केंद्र सरकार ऐसी किसी भी सर्विस एजेंसी को लाइसेंस नहीं प्रदान करती है जो युवकों को धनी महिलाओं से जोड़कर पैसा कमवाए.

क्योंकि, अखबार में छपी हर सूचना के लिए अखबार के संपादक जिम्मेदार हैं, तो क्या जब दैनिक भास्कर अखबार ये सूचना अथवा विज्ञापन छाप रहा   था तब उसके संपादकों और रिपोर्टर्स की फौज को ये नहीं दिखा? अगर दिखा तो उन्होंने इसकी खबर क्यों नहीं छापी कि धनी महिलाओं से जुड़कर किस तरह पैसे कमाए जाते हैं.

क्योंकि, यदि वाकई किसी संस्था के बैनर तले बेरोजगार युवकों को धनी और हाई प्रोफाइल महिलाओं से जोड़कर किसी तरह का लाभ का सौदा हो रहा है तो पुलिस को इसकी जांच करनी चाहिए.

स्पष्टीकरण-  www.dpillar.com पिछले कई दिनों से युवा बेरोजगार साथियों के संपर्क में है. उनमें से कई अभी नौकरी की खातिर दिल्ली, पटना, जयपुर, लखनऊ आदि शहरों में सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं. हमारा मकसद युवा बेरोजगार और छात्रों तक रोजगार संबंधित सूचनाओं को पहुंचाना भी है. इस नाते हमने ये रिपोर्ट प्रकाशित की है. अगर वाकई ये विज्ञापन सही है तो युवाओं को इस अवसर से वंचित नहीं रहना चाहिए.

DPILLAR