#SSCSCAM EXCLUSIVE: चेयरमैन खुराना से मिलने गए सैकड़ों छात्रों को कैरियर तबाह करने की धमकी

#SSCscam Youth Speaks आज की ख़बर खिड़की के पार

दिल्ली से पंडित :  कर्मचारी चयन आयोग(SSC) की बहालियों में हो रहे धांधली (#sscscam)के विरोध में पिछले आठ दिनों से दिल्ली में छात्र धरने पर बैठे हैं. देशभर के छात्र अपने-अपने शहरों में आंदोलन पर हैं. खबर है कि आयोग ने गृह मंत्रालय से CBI जांच की सिफारिश कर दी है. मगर जो छात्र आयोग के चैयरमैन  से मिलने गए थे, उन्होंने  डी पिलर के साथी पंडित से हुई बातचीत में चौंकाना वाले खुलासा किया है. छात्रों ने बातचीत में कहा कि SSC के चेयरमैन खुराना से मिलने गए कुछ साथियों को कैरियर तबाह करने तक की धमकी दी गई है.

आगे पढ़िए दिल्ली के लोधी रोड स्थित SSC दफ्तर के बाहर आंदोलन कर रहे युवा छात्रों से बातचीत पर आधारित पूरी रिपोर्ट.

और भईया कैसे हैं?

छात्र- ठीक हूं, आप कौन?

पत्रकार हूं, आपसे बात करनी है.

छात्र- रिकॉर्डिंग तो नहीं कर रहे हैं ना!

नहीं, रिकॉर्डिंग नहीं कर रहा हूं, कुछ सवाल हैं, उन्हीं का जवाब चाहिए.

छात्र- तो आइए बैठिए.

ये जो संवाद आपने पढ़ा, यह कर्मचारी चयन आयोग के दफ्तर की सामने वाली रोड के उस पार का है. पास में जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम मेट्रो स्टेशन का गेट है. उसी दिवाल से सट कर कई अभ्यर्थी बैठे/ लेटे हुए थे. आपको पता ही होगा बीते आठ-नौ दिनों से SSC की तमाम परीक्षाओं में भाग लेने वाले अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- पवन कुमार सिंह
दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- पवन कुमार सिंह

उनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के जज के अधीन केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), SSC के घाटाले की जांच करे. सभी परीक्षाओं पर स्टे लगे. लैब्स की ग्राउंड लेवल चेकिंग हो और सेलेक्शन प्रॉसेस की एक समय सीमा हो.

पांच मार्च को खबर आई कि अभ्यर्थियों की मांगें मान ली गई हैं. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मीडिया के जरिए अभ्यर्थियों से कहा कि वो अपने घर लौट जाएं लेकिन अभी भी छात्र टस से मस होने को तैयार नहीं हैं.

 

दोबारा संवाद पर आते हैं. मेरे बैठने पर अभ्यर्थी ने बताया कि वो बीते तीन साल से दिल्ली से सटे हरियाणा के एक शहर में रह कर तैयारी कर रहा है. वो केवल SSC की ही परीक्षाएं देता है लेकिन अब तक उसके हाथ कुछ नहीं आया.

रुंधे गले से अभ्यर्थी ने कहा कि मेरे हाथ में जो मोबाइल है वो भी मेरे पापा की कमाई की है. दिल्ली आया था तो यह सपना था कि अब वो दिन दूर नहीं जब मैं अपने मजदूर मां बाप को अपनी कमाई से खुशियां दे सकूंगा लेकिन अब तक वो भी नहीं हो सका.

 

दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- उपासना धनखड़
दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- उपासना धनखड़

अभ्यर्थी ने कहा कि यहां रहने के ही आठ से नौ हजार रुपए महीने लगते हैं, वो भी तब जब आप सिर्फ कोचिंग से रूम और रूम से परीक्षा के सेंटर जाएं.  परिवार की कमाई को अय्याशी में तो नहीं उड़ा सकते ना! मैंने पूछा कि कोचिंग की फीस कितनी है तो उसने कहा कि रूम के रेंट से बहुत कम.

 

पास में ही मौजूद एक अन्य अभ्यर्थी ने कहा कि वो उत्तर प्रदेश के फैजाबाद का रहने वाला है. तीन साल से तैयारी कर रहा है. सोमवार को ही वह SSC की एक परीक्षा देकर आया था. अभ्यर्थी ने बताया कि वो अब तक चार बार SSC का मेन्स क्वालिफाई कर चुका है. इतनी ही बार वो इंटरव्यू के लिए डॉक्यूमेंट भी वेरिफाई करा चुका है, लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात.

 

अभ्यर्थी ने बताया कि उसने सोमवार को जो परीक्षा दी है, उसमें भी क्वालिफाई हो जाएगा, लेकिन जब तक नतीजे ना आ जाएं वो नाउम्मीद ही रहेगा.

यह पूछे जाने पर कि होली पर कहां थे? रुंधे गले से जवाब मिला- भैय्या, जाएंगे कहां? घर वालों से ज्यादा तो रिश्तेदार परेशान करते हैं. हमारे घर के लोग होली में फोन कर के पूछते हैं कि घर आओगे तो हम इन्हीं परीक्षाओं का हवाला देकर मना कर देते हैं.

इलाहाबाद से दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने आए एक छात्र ने कहा कि

कमरे में पढ़ाई करते-करते कब रात से सुबह हो जाती है, 12-14 घंटे बीत जाते हैं पता नहीं चलता. और जब यह पता चलता है कि हमारे करियर के साथ ऐसा खिलवाड़ हो रहा है तो बहुत दुख होता है.

कई अभ्यर्थी ऐसे मिले जिन्हें सिर्फ सरकार, मीडिया या SSC से शिकायत नहीं थी बल्कि पूरे सिस्टम से शिकायत थी.

 

दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- पवन कुमार सिंह
दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- पवन कुमार सिंह

प्रदर्शन वाली जगह पर करीब-करीब दो घंटे गुजार लेने के बाद कुछ और अभ्यर्थियों से मुलाकात हुई. उन्होंने जो बताया वो चौंकाने वाला था.

 

एक अभ्यर्थी ने कहा कि जो डेलीगेशन SSC के चेयरमैन से मिलने गया था, उसे धमकी दी गई. करियर खराब तक करने की बात कही गई.

इतना ही नहीं एक अन्य अभ्यर्थी ने दावा किया कि जब वो एक सांसद से मिलने गए तो कहा गया कि

इनकम टैक्स की नौकरी के लिए क्यों परेशान हो, आओ MCD में ही नौकरी दिला देंगे.

इस दौरान वहां अभ्यर्थियों के लिए पानी और पारले जी बिस्किट का इंतजाम किया गया. यह पूछे जाने पर कि इसकी व्यवस्था कहां से हुई तो जवाब मिला कुछ शिक्षक, NGO के लोग इतना इंतजाम कर देते हैं. कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो धरना स्थल पर पहले दिन से ही बैठे हैं.

 

आंखों में नींद और उज्ज्वल भविष्य के सपने लिए इन अभ्यर्थियों का कहना है कि वो अपने मंच को गैर राजनीतिक ही रहने देंगे. इसका पुख्ता सबूत तब मिल गया जब एक अभ्यर्थी ने अपने भाषण के दौरान एक पार्टी के नेता का नाम लिए बगैर अपनी बात कहने लगा, उसी दौरान वहां मौजूद अन्य अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई और कहा कि यह SSC के अभ्यर्थियों का मंच है, यहां से किसी राजनीतिक शख्स का नाम नहीं लिया जाएगा.

एक अभ्यर्थी जो राजस्थान के चुरु से आया था उसने बताया कि

घर जाने की इच्छा नहीं होती. घर वाले तो अब यहां तक कहने लगे हैं कि जयपुर से लौट आओ, अब और खर्चा नहीं दे सकते.

 

सोमवार की रात 11 बजे तक खाना नहीं आया था. कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि कई दिन से आधे पेट इसी आस में सो रहे हैं कि क्या पता यह संघर्ष कुछ रंग ले आए.

SSC के अभ्यर्थी इस बात को लेकर बहुत सजग हैं कि उनके इस आंदोलन को बर्बाद करने के लिए कोई ना आ पाए. इतना ही नहीं एक अभ्यर्थी ने कहा कि – SSC के दफ्तर में तमाम बड़े अफसर बैठे हैं. जिनका दिमाग हमसे ज्यादा तेज चलता है क्या पता उन्होंने यहां किसी को खबरी के तौर पर भेज रखा हो.

अभ्यर्थियों के समर्थन में तमाम कोचिंग सेंटर और उनके शिक्षक भी हैं लेकिन छात्रों का दावा है कि उन पर भी दबाव बढ़ रहा है. कई अभ्यर्थियों का दावा है कि SSC के इस खेल में तमाम बड़े मंत्री और अफसर संलिप्त हैं इसीलिए सरकार पूरे मामले की CBI जांच के आदेश नहीं दे रही है.

दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- उपासना धनखड़
दिल्ली में आंदोलनरत छात्र #sscscam/ फोटो- उपासना धनखड़

अभ्यर्थी, सरकार के अड़ियल रवैये से परेशान हैं. चाहते हैं कि मांगें जल्दी मानी जाएं, ताकि वो फिर से नॉर्मल शेड्यूल में लौट सकें. कईयों को उम्मीद है कि मंगलवार-बुधवार तक उनकी बात मान ली जाएगी.

 

यह बहुत ही सोचने वाली बात है कि जब हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विद्यार्थियों  को देव मान रहे  हों और वही विद्यार्थी, शौचालय, भोजन और नींद के साथ-साथ अपने सपनों के लिए परेशान हो तो क्या देव इस हालत में रखे जाते हैं?

चार मार्च को प्रधानमंत्री ने कहा था- “विद्यार्थी देवो भव” सिर्फ आपका ही नहीं, हमारा भी मंत्र है. बल्कि मैं तो आपकी स्वीकृति से इसमें ये भी जोड़ना चाहूंगा- “युवा देवो भव: – युवाशक्ति देवो भव:.

प्रधानमंत्री ने कहा था- ‘युवा पीढ़ी के साथ किसी भी तरह का संवाद हो, उनसे हमेशा कुछ ना कुछ सीखने को मिलता है.’ इन सबके बावजूद सरकार अगर इतनी चुप है. मांगों पर अड़ियल रवैया अख्तियार कर रखा है तो कैसे मान लें कि पीएम ने जो कहा वो कभी हकीकत में भी उतरेगा?

 

अनवर जलालपुरी का एक मशहूर शेर है-

रात भर इन बन्द आँखों से भी क्या क्या देखना

देखना एक ख़्वाब और वह भी अधूरा देखना

कुछ दिनों से एक अजब मामूल इन आँखों

कुछ आये या न आये फिर भी रस्ता देखना।

 

उम्मीद कर सकते हैं कि अभ्यर्थी जो सपना, जो रस्ता देख रहे हैं वो पूरा होगा. सरकार कितनी भी अड़ियल हो इस संघर्ष में उसे अभ्यर्थियों से हार जाना चाहिए, इसी में उसकी जीत है.

नोट- छात्रों को करियर तबाह करने की धमकियां मिल रही हैं, इसलिए  डी पिलर के साथी से बात करने वाले छात्रों की फोटो इस ख़बर में नहीं लगाई गई है.

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DPILLAR